रात दो बजे खटपट की आवाज से खुली नींद
जानकारी के अनुसार निजी अस्पताल में कार्यरत डॉ. विपिन अग्रवाल अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। रात करीब दो बजे उन्हें घर के बाहर खटपट की आवाज सुनाई दी। उन्होंने बेडरूम की खिड़की से झांककर देखा तो घर का लोहे का फ्रंट गेट खुला हुआ था। जब वे बालकनी में पहुंचे तो देखा कि पड़ोसी का गेट भी खुला है और चार संदिग्ध युवक घर के बाहर मौजूद हैं।
डॉ. अग्रवाल के अनुसार एक बदमाश चेहरे पर सफेद कपड़ा बांधकर हाथ में लोहे का औजार लिए सड़क पर निगरानी कर रहा था, जबकि तीन अन्य बदमाश मुख्य दरवाजे पर लोहे के हथियारों से लगातार वार कर उसे तोड़ने की कोशिश कर रहे थे।
डॉक्टर की सूझबूझ से टली बड़ी वारदात
स्थिति को भांपते हुए डॉ. अग्रवाल ने तुरंत शोर मचाया, बदमाशों को ललकारा और डायल-112 पर सूचना देने के साथ-साथ पड़ोसियों को भी फोन कर सतर्क कर दिया। शोर सुनकर कॉलोनी के लोग घरों से बाहर निकल आए और कई मकानों की लाइटें जल गईं। लोगों की सक्रियता बढ़ते ही चारों बदमाश रेल पटरी की ओर भाग निकले।
पुलिस ने किया पीछा, फुटेज खंगाल रही जांच टीम
घटना की सूचना मिलने के करीब दस मिनट बाद ग्वारीघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। डॉक्टर द्वारा बताए गए दिशा-निर्देश के आधार पर पुलिस ने रेल पटरी की ओर भागे बदमाशों का पीछा किया। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस दौरान कुछ बदमाशों ने पुलिस पर हमला करने की भी कोशिश की, हालांकि कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ डकैती के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश जारी है।
डिजिटल लॉक बना सबसे बड़ा सुरक्षा कवच
डॉ. विपिन अग्रवाल ने बताया कि मुख्य दरवाजे पर लगा डिजिटल लॉक बदमाशों के लिए सबसे बड़ी बाधा साबित हुआ। काफी कोशिशों के बावजूद वे दरवाजा नहीं तोड़ सके। उनका कहना है कि यदि बदमाश घर के अंदर प्रवेश कर जाते तो परिवार के साथ कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
सीसीटीवी में कैद हुए नकाबपोश
घटना के बाद कॉलोनीवासियों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में चार नकाबपोश बदमाश हथियारों के साथ कॉलोनी में घूमते नजर आए हैं। पुलिस इन्हीं फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
सुरक्षा दीवार नहीं बनने पर रहवासियों का आक्रोश
घटना के बाद रिलायबल कॉलोनी के रहवासियों में दहशत के साथ नाराजगी भी है। उनका कहना है कि पहले भी रेल पटरी की ओर से बदमाश कॉलोनी में घुसकर चोरी और लूट की कोशिश कर चुके हैं। रहवासियों ने आरोप लगाया कि कॉलोनी के बिल्डर ने रेल पटरी की ओर सुरक्षा दीवार बनाने का वादा किया था, लेकिन आज तक निर्माण नहीं कराया गया। उन्होंने प्रशासन और बिल्डर से जल्द ऊंची सुरक्षा दीवार बनवाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
