दमोह। दमोह जिले के राजाबंदी गांव स्थित शासकीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्या छात्रावास में बुधवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक कमरे में सामूहिक रूप से पढ़ाई कर रही छात्राओं के ऊपर अचानक छत का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में आठ छात्राएं घायल हो गईं। घटना के बाद छात्रावास में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। वार्डन और अन्य कर्मचारियों ने तत्काल घायल छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम करीब 6 बजे छात्राएं कमरे में बैठकर पढ़ाई कर रही थीं और विभिन्न विषयों पर चर्चा कर रही थीं। तभी अचानक छत का प्लास्टर टूटकर उनके ऊपर आ गिरा। हादसे के बाद छात्राएं जान बचाने के लिए कमरे से बाहर भागीं। शोर सुनकर छात्रावास के अन्य कमरों में मौजूद छात्राएं भी बाहर निकल आईं।
पहले भी दो बार गिर चुका है प्लास्टर
स्थानीय लोगों के अनुसार छात्रावास भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। यह पहली बार नहीं है जब छत का प्लास्टर गिरा हो। इससे पहले भी दो बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन उस समय स्कूल बंद होने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई थी। इस बार छात्राओं के कमरे में मौजूद होने से बड़ा हादसा टलते-टलते बचा।
प्रशासन हरकत में, जर्जर कमरों के उपयोग पर रोक
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पटेरा तहसीलदार उमेश तिवारी ने बताया कि घायल छात्राओं को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, पटेरा के बीआरसी मुकेश गुजरे ने पूरे मामले की जांच के आदेश देते हुए पटेरा ब्लॉक के सभी सरकारी स्कूलों और छात्रावासों से भवनों की स्थिति संबंधी रिपोर्ट तलब की है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी जर्जर या कमजोर भवन में बच्चों को न बैठाया जाए।
लापरवाही पर वार्डन निलंबित
घटना के बाद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने छात्रावास की वार्डन सीता स्वामी तिवारी, जो प्राथमिक शिक्षिका भी हैं, को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि 3 जून 2026 को सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि जिन स्कूलों और छात्रावासों की इमारतें जर्जर हैं, उनमें बच्चों को न रखा जाए। इसके बावजूद निर्देशों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते यह हादसा हुआ। प्रारंभिक जांच में वार्डन की लापरवाही पाए जाने पर उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई है।
इन छात्राओं को आई चोट
हादसे में घायल छात्राओं के नाम इस प्रकार हैं—
ज्योति (10 वर्ष), पिता अनरव सिंह
काजल (12 वर्ष), पिता देवेंद्र अहीरवाल
बबली (12 वर्ष), पिता प्रकाश पटेल
लक्ष्मी (12 वर्ष), पिता लीला बर्मन
रश्मि (12 वर्ष), पिता कल्याण आदिवासी
अनामिका (11 वर्ष), पिता राघवन
लक्ष्मी (11 वर्ष), पिता वेजू अहिरवार
शिक्षा (10 वर्ष), पिता राम प्रसाद
