हफ्ता नहीं दिया तो कट्टा ताना, गोली नहीं चली तो दुकान पर फेंके बम; मानेगांव में दिनदहाड़े दहशत

 


जबलपुर। शहर के मानेगांव स्थित गांधी चौक रविवार को उस समय दहशत में डूब गया, जब दो बदमाशों ने एक किराना व्यापारी से कथित रूप से हफ्ता वसूली की मांग करते हुए पहले उसकी कनपटी पर कट्टा तान दिया और ट्रिगर दबा दिया। संयोग से गोली नहीं चली तो आरोपी दुकान से बाहर निकलकर लौटे और एक के बाद एक बम फेंककर इलाके में दहशत फैला दी। धमाकों की आवाज से पूरे क्षेत्र में अफरातफरी और भगदड़ मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।


घटना रविवार सुबह करीब 11:30 बजे गांधी चौक स्थित संजय श्रीपाल की किराना दुकान पर हुई। जानकारी के अनुसार, मुंह पर कपड़ा बांधे दो युवक दुकान पर पहुंचे और पहले किराना का सामान खरीदा। जब दुकानदार ने सामान के पैसे मांगे तो दोनों भड़क गए। आरोप है कि उनमें से एक ने कट्टा निकालकर संजय श्रीपाल की कनपटी पर रख दिया और कहा कि "यहां हमारा राज चलता है, दुकान चलानी है तो हर महीने पांच हजार रुपये हफ्ता देना होगा।"

दुकानदार द्वारा विरोध करने पर दोनों आरोपी वहां से चले गए, लेकिन कुछ देर बाद फिर लौट आए। इस बार उन्होंने दोबारा दुकानदार को धमकाया और कट्टे का ट्रिगर दबा दिया। गनीमत रही कि हथियार से गोली नहीं चली। इसके बाद दोनों बदमाश मौके से भागे और कुछ दूरी पर जाकर दुकान की ओर एक के बाद एक बम फेंक दिए।

धमाकों की तेज आवाज से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। लोग अपने-अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। घटनास्थल पर चारों ओर धुआं फैल गया, जबकि दुकानदार अपनी जान बचाने के लिए दुकान के भीतर ही छिप गया।

दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में आरोपियों की पहचान रांझी निवासी विवेक कोल और मोनू शुक्ला के रूप में हुई है।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। मामले में हत्या के प्रयास, विस्फोटक पदार्थ के इस्तेमाल, रंगदारी मांगने और अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर शहर में अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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