देश, प्रदेश, जिला, संभाग, तहसील, जिला और ग्राम स्तर पर संवाददाता चाहिए — संपर्क करें  |  डायरेक्टर, एडिटर इन चीफमोहम्मद असफाक आरिफ  |  शॉप - 1 दारुल उलूम मार्किट, मंडी मदार टेकरी, जबलपुर मध्य प्रदेश 482002  |  संपर्क: 9893230986

जबलपुर में भ्रूण लिंग परीक्षण का बड़ा भंडाफोड़: दो सोनोग्राफी सेंटरों पर छापा, डॉक्टर समेत तीन पर एफआईआर



15 से 50 हजार रुपये लेकर बताया जाता था गर्भस्थ शिशु का लिंग, बेटी होने पर अवैध गर्भपात का भी खुलासा; कई जिलों तक फैला नेटवर्क जांच के दायरे में

जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में वर्षों से संचालित अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण और गर्भपात के नेटवर्क का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। संयुक्त कार्रवाई में शहर के दो सोनोग्राफी सेंटरों पर छापेमारी कर डॉक्टरों समेत तीन लोगों के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का दावा है कि यह नेटवर्क जबलपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि आसपास के कई जिलों में भी सक्रिय था।

एक महीने तक चली निगरानी, महिला आरक्षकों ने खोला राज

पुलिस को मुखबिर से मिली सूचना के बाद करीब एक माह तक दोनों सोनोग्राफी सेंटरों की गोपनीय निगरानी की गई। इसके बाद दो महिला पुलिस आरक्षकों को गर्भवती महिला बनाकर जांच के लिए भेजा गया। जांच के दौरान कथित तौर पर 15 हजार रुपये लेकर भ्रूण का लिंग बताने का सौदा किया गया। इतना ही नहीं, यदि गर्भ में बेटी होने की पुष्टि होती तो अतिरिक्त राशि लेकर अवैध गर्भपात कराने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाती थी।

दो सेंटरों पर एक साथ छापा, तीन आरोपियों पर मामला दर्ज

महिला आरक्षकों से मिली जानकारी के आधार पर एएसपी अनु बेनीवाल और आयुष जाखड़ के नेतृत्व में मालवीय चौक स्थित आरके डिजिटल सोनोग्राफी सेंटर तथा आधारताल स्थित सरल सोनोग्राफी सेंटर पर एक साथ छापेमारी की गई।

पुलिस ने डॉ. आर.के. अग्रवाल, डॉ. सतीष अग्रवाल और नर्स खुशी के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट एवं बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

मोबाइल से मिले संदिग्ध फोटो-वीडियो, कई जिलों तक फैला नेटवर्क

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में दस्तावेज, रजिस्टर और अन्य रिकॉर्ड जब्त किए। आरके डिजिटल सोनोग्राफी सेंटर के संचालक डॉ. राजेंद्र अग्रवाल का मोबाइल भी जब्त किया गया, जिसमें मरीजों से जुड़े कई संदिग्ध फोटो और वीडियो मिले हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क का विस्तार कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी सहित आसपास के कई जिलों तक होने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब दलालों, स्टाफ और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

15 से 50 हजार रुपये तक वसूली का खुलासा

जांच में सामने आया है कि अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए 15 हजार से 50 हजार रुपये तक की रकम वसूली जाती थी। छापेमारी के दौरान कुछ संदिग्ध दलालों और कर्मचारियों की गतिविधियां भी जांच के दायरे में आई हैं।

दोनों सेंटरों के लाइसेंस निरस्त

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने बताया कि दोनों सोनोग्राफी सेंटरों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मशीनों से जुड़े रिकॉर्ड, दस्तावेज और ऑनलाइन लेन-देन से संबंधित सामग्री जब्त कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

'गरिमा अभियान' के तहत बड़ी कार्रवाई

एएसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे 'गरिमा अभियान' के तहत यह कार्रवाई की गई है। जांच पूरी होने के बाद इस अवैध नेटवर्क से जुड़े सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post
askari times
askari times