भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और आगामी 24 घंटे प्रदेश के कई जिलों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 9 जुलाई के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।
भिंड में रेड अलर्ट, अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनीमौसम विभाग ने भिंड जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। यहां अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इससे पहले 8 जुलाई को धार जिले के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया गया था।
9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
आईएमडी के अनुसार रतलाम, राजगढ़, आगर मालवा, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी और टीकमगढ़ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इन जिलों में येलो अलर्ट
प्रदेश के अधिकांश अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से श्योपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, भोपाल, नर्मदापुरम, देवास, उज्जैन, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, धार, इंदौर, खरगोन, बड़वानी, दमोह, सागर, पन्ना, छतरपुर, कटनी, जबलपुर, मैहर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
पिछले 24 घंटे में 40 से ज्यादा जिलों में हुई बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही वर्षा के कारण कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ।
खरगोन में रूपारेल नदी के तेज बहाव में एक युवक बह गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
रतलाम में भारी बारिश के चलते अंडरब्रिज में पानी भर गया, जिससे यातायात बाधित रहा।
शाजापुर में शिक्षकों को उफनते नाले को पार कर स्कूल पहुंचना पड़ा।
कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में जलभराव, सड़कें डूबने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी रही।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
