इंदौर। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। मंगलवार तड़के इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में पदस्थ एडिशनल चीफ इंजीनियर शिवराम सेमिल के इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना समेत 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमार कार्रवाई की। शुरुआती जांच में अधिकारी के पास करीब 6.50 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति और निवेश का खुलासा हुआ है।
घर से मिले सोने-चांदी के आभूषण और नकदी
लोकायुक्त टीम ने इंदौर के सिलिकॉन सिटी स्थित आवास की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी, 300 ग्राम सोना, 4 किलो चांदी और 3 लाख रुपये नकद बरामद किए। अधिकारियों को छह बैंक लॉकरों की भी जानकारी मिली है, जिनकी जांच जारी है।
पीथमपुर में फैक्ट्री और कई संपत्तियों के दस्तावेज मिले
लोकायुक्त के डीएसपी सुनील तालान के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि अधिकारी के भाई और दामाद के नाम पर पीथमपुर में एक फैक्ट्री संचालित की जा रही है। इसके अलावा धार और मुरैना में भी कई संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं, जिनकी वैधता की जांच की जा रही है।
पत्नी के नाम ओमेक्स सिटी में करोड़ों का प्लॉट
जांच के दौरान पता चला कि अधिकारी की पत्नी के नाम इंदौर की ओमेक्स सिटी में करीब 2.50 करोड़ रुपये का प्लॉट खरीदा गया है। इस प्लॉट के संबंध में एक अनुबंध भी बरामद हुआ है, जिस पर एक लाख रुपये के भुगतान का उल्लेख है। इसके अलावा पत्नी के नाम पर अन्य संपत्तियों की भी जानकारी सामने आई है, जिनमें से कुछ हाल ही में बेची गई हैं।
35 वर्षों की नौकरी में बनाई करोड़ों की संपत्ति
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार शिवराम सेमिल पिछले करीब 35 वर्षों से विद्युत वितरण कंपनी में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे हैं। उन्होंने झाबुआ, अलीराजपुर सहित कई जिलों में सेवाएं दी हैं और हाल ही में इंदौर में अधीक्षण यंत्री (एडिशनल चीफ इंजीनियर) के पद पर पदस्थ हुए थे।
जांच जारी, बढ़ सकती है संपत्ति की राशि
लोकायुक्त का कहना है कि यह केवल प्रारंभिक जांच है। बैंक लॉकरों, निवेश और अन्य संपत्तियों की जांच पूरी होने के बाद बरामद संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। फिलहाल सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और आय के ज्ञात स्रोतों के मुकाबले संपत्ति का मूल्यांकन किया जा रहा है।
