जबलपुर/छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले के परासिया में सामने आए बहुचर्चित कफ सिरप प्रकरण में आरोपी बनाए गए दो मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) सतीश वर्मा और शैलेश सिंह पांड्या को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। दोनों लंबे समय से न्यायिक हिरासत में थे।
जानकारी के अनुसार, सतीश वर्मा को 26 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था, जबकि शैलेश सिंह पांड्या की गिरफ्तारी नवंबर 2025 में हुई थी। दोनों पर आरोप है कि वे कथित रूप से कोल्ड्रिफ कफ सिरप के प्रचार-प्रसार, सप्लाई और डॉक्टरों तक प्रिस्क्रिप्शन नेटवर्क विकसित करने में शामिल थे।
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब कथित रूप से जहरीले कफ सिरप के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और ड्रग विभाग ने संयुक्त रूप से की। जांच के दौरान दवा निर्माण, सप्लाई और चिकित्सकों तक इसकी पहुंच बनाने वाले नेटवर्क में कई लोगों की भूमिका सामने आने का दावा किया गया।
जांच में मुख्य आरोपी के रूप में डॉ. प्रवीण सोनी का नाम सामने आया था। इसके अलावा ज्योति सोनी, सौरभ जैन, राजेश सोनी, सतीश वर्मा, शैलेश सिंह पांड्या सहित कई अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया। जांच एजेंसियों ने अलग-अलग चरणों में सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इससे पहले कई आरोपियों की जमानत याचिकाएं अदालत द्वारा खारिज की जा चुकी थीं। ऐसे में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सतीश वर्मा और शैलेश सिंह पांड्या को हाईकोर्ट से मिली जमानत को इस बहुचर्चित मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है।
हालांकि, जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले का विचारण संबंधित न्यायालय में जारी रहेगा और आरोपों पर अंतिम निर्णय साक्ष्यों एवं न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
