गुरु गोबिंद सिंह प्रकाशोत्सव पर उमड़ा आस्था का जन सैलाब

 


जबलपुर। सिख धर्म के दशमेश गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज का 359 वां गुरुपर्व समारोह गुरुद्वारा प्रेमनगर मैदान में भव्य कीर्तन दरबार और गुरु का लंगर आदि आयोजनों के साथ हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर प्रसिद्ध रागी जत्था भाई मनमोहन सिंह दिल्ली एवं भाई विक्रम सिंह इसराना साहिब, पानीपत हरियाणा ने सम सामयिक गुरुवाणी शबद "गुरु सिमर मनाई कालिका खंडे की बेला वाह वाह गोबिंद सिंह आपे गुरु चेला" का विरोचित गायन करते हुए कहा कि मुगल आक्रांताओं से भयभीत और जुल्म का सामना कर रहे भारतवासियों को गुरु गोबिंदसिंह ने निर्भय और स्वाभिमान से जीने का मार्ग दिखाया और वीर खालसा का सृजन कर विश्व को संत और सिपाही का  नवीन दर्शन चिंतन दिया । गुरुजी ने खुद जहां ऐतिहासिक  दशम ग्रंथ की रचना की वहीं श्री गुरुग्रंथ साहिब को सिख धर्म के सर्वोच्च गुरु की पदवी देकर ईश्वर भक्ति का  सरल मार्ग प्रशस्त किया । इसके पूर्व अखंड कीर्तनी जत्था, गुरुग्रंथ साहिब भवन एवं महिंदर सिंह मल्होत्रा आदि ने भी गुरुवाणी गायन कर गुरु जी का यश अर्चन किया। इस दौरान समाजसेवी नरेन्द्र सिंह पांधे, दलबीर सिंह जस्सल, काके आनंद,अजीत सिंह नैयर सीटू, अधिवक्ता एन. एस. रुपराह एवं मेधावी छात्रों  को सिरोपा, शील्ड और शाल प्रदान कर सम्मानित किया गया। गुरुपर्व और नव वर्ष की युति के साथ ही रूमानी मौसम के चलते यहां आस्था का जन सैलाब उमड़ा और चहुंओर उल्लास बिखरा नजर आया। यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के साथ ही जन प्रतिनिधियों सर्वश्री उदय प्रताप सिंह, शिक्षा परिवहन मंत्री,  सांसद आशीष दुबे, बरगी विधायक नीरज सिंह, अशोक रोहाणी, रत्नेश सोनकर, पूर्व मंत्री हरेंद्र जीत सिंह बब्बू,आर. एस. एस. संघ प्रचारक ब्रिजकांत एवं भूपेंदर सिंह आदि ने गुरु घर की हाजिरी भरी जिन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन ज्ञानी फुलबीर सिंह फूल  ने किया। उधर गुरुद्वारा सदर, ग्वारीघाट और श्री गुरु ग्रंथ साहिब भवन सहित विभिन्न गुरुद्वारों में में प्रातः से ही कीर्तन दरबार के साथ  गुरु का लंगर भी वितरित किया गया। पूर्व मंत्री एवं जबलपुर सिख संगत के अध्यक्ष हरेंद्र जीत सिंह बब्बू, सदर प्रधान नक्षत्र सिंह गिल, प्रभजोत सिंह, लखबीर सिंह, कौमी सिंह, हरिंदर सिंह रेखी, परविंदर सिंह गिल, मदन दुबे एवं आयोजन समिति ने आभार व्यक्त किया । रांझी में आज 5 जनवरी को हर्षोल्लास के साथ प्रकाशोत्सव गुरुपर्व मनाया जाएगा।

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