एशियन थैलेसीमिया कॉन्क्लेव 2026 में जबलपुर के समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी रही
जबलपुर। थैलेसीमिया एवं सिकलसेल सोसाइटी हैदराबाद द्वारा थैलेसीमिया पर केंद्रित एशियन थैलेसीमिया कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन 10 एवं 11 जनवरी को सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ चंद्रकांत अग्रवाल की अध्यक्षता में किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश, विदेश से आए विशेषज्ञों, वरिष्ठ चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में घोषणा की कि तेलंगाना का लक्ष्य वर्ष 2035 तक भारत का पहला थैलेसीमिया मुक्त राज्य बनना है, उन्होंने इस आनुवंशिक रक्त विकार के उन्मूलन हेतु इसे एक सामूहिक सामाजिक आंदोलन का रूप देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर आरोग्यश्री के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उदय कुमार, इंटरनेशनल थैलेसीमिया फेडरेशन के प्रो एंटोनियो पिगा, ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स बेंगलुरू के उपाध्यक्ष डॉ सुनील भट, नेशनल थैलेसीमिया वेलफेयर सोसाइटी के जनरल सेक्रेटरी डॉ जे एस अरोड़ा थैलेसीमिक्स इंडिया की सचिव शोभा तुली, भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी डॉ विनीता श्रीवास्तव, डॉ पिएत्रो सोडानी, डॉ विनोद के अग्रवाल, डॉ शरत कुमार सहित विभिन्न देशों से आए विषय विशेषज्ञों ने थैलेसीमिया एवं सिकल सेल से जुड़े विविध पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
300 से अधिक प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा:-
एशियन थैलेसीमिया कॉन्क्लेव 2026 में देश और विदेश से 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इस सम्मेलन में दिशा वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से संस्थापक सरबजीत सिंह नारंग, रूपाली सिंघई, विकास शुक्ला, अजय घोष, डॉ संजय असाटी एवं मोहित दुबे ने सक्रिय रूप से भाग लिया और विभिन्न चर्चाओं में सहभागिता की। सम्मेलन के दौरान यह भी बताया गया कि टीएससीएस द्वारा प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका रक्त बंधन में इब्राहिम द्वारा लिखा गया लेख, जो आदिवासी समुदायों के बीच थैलेसीमिया एवं सिकल सेल जागरूकता फैलाने की चुनौतियों पर आधारित है, उसकी विशेष रूप से सराहना की गई।