बदला आंदोलन का स्वरूप
सिहोरा - मुख्यमंत्री से हुई हालिया वार्ता के बाद सिहोरा जिला आंदोलन ने अब नया स्वरूप ले लिया है। लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन अब केवल प्रत्यक्ष धरना-प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रणनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर दबाव बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
समिति ने बताया कि अब आंदोलन के तहत सिहोरा को जिला बनाए जाने में शामिल होने वाले सभी संभावित क्षेत्रों और पंचायतों से समर्थन पत्र एकत्र किए जाएंगे। इन समर्थन पत्रों को जिला एवं संभाग प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग को सौंपा जाएगा, ताकि सिहोरा जिले के दावे को तथ्यात्मक और जनसमर्थन के आधार पर मजबूत किया जा सके।
इसके साथ ही आंदोलन को निरंतर बनाए रखने के लिए प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को एक अनिवार्य बैठक एवं रैली आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। समिति का कहना है कि इस नियमित आयोजन के माध्यम से सरकार पर लगातार दबाव बनाया जाएगा और जनभावनाओं को शांतिपूर्ण तरीके से सामने रखा जाएगा।
इधर, आंदोलन के प्रमुख चेहरे और अनशनकारी प्रमोद साहू ने एक कन्या के हाथों आहार ग्रहण कर अनशन का स्वरूप बदला। इसे मुख्यमंत्री मोहन यादव पर डाले गए एक मनोवैज्ञानिक दबाव और सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे सरकार तक आंदोलनकारियों की भावना और संवेदनशीलता पहुंचे।
लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने सिहोरा में आयोजित पत्रकार वार्ता में आंदोलन के इस नए स्वरूप की औपचारिक जानकारी दी। समिति ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और जनआधारित रहेगा तथा सिहोरा को जिला बनाए जाने तक यह संघर्ष विभिन्न रूपों में जारी रहेगा।