मध्य प्रदेश में बढ़ने लगी ठंड, नवंबर में और गिरेगा पारा
भोपाल। अक्टूबर समाप्त होते ही मध्य प्रदेश में रात की ठंडक बढ़ने लगी है। भोपाल समेत प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में गिरावट का असर महसूस किया जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने नवंबर 2026 के लिए तापमान और वर्षा का मासिक आउटलुक भी जारी किया है।
इसी बीच बंगाल की खाड़ी में सक्रिय गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का असर देश के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बना हुआ है। मौसम प्रणालियों में बदलाव के कारण मध्य भारत में भी बादलों की आवाजाही और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शुरुआती दिनों में बादलों और नमी के कारण रात के तापमान में कुछ उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। मौसम शुष्क होने के साथ उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बढ़ने पर ठंड तेजी से बढ़ सकती है।
भोपाल सहित कई शहरों में ठंडी होने लगी रातें
राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है। IMD के भोपाल केंद्र की वेबसाइट पर प्रदेश के प्रमुख शहरों के वर्तमान मौसम और पूर्वानुमान लगातार अपडेट किए जा रहे हैं।
चक्रवात ‘मुरासु’ से मौसम में बदलाव
IMD के अनुसार पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ सक्रिय है। इसका मुख्य प्रभाव आंध्र प्रदेश और उससे लगे तटीय इलाकों पर है, लेकिन इससे जुड़े बादल और नमी मध्य भारत के मौसम को भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर सकते हैं।
पिछले साल नवंबर में भी चली थी शीतलहर
IMD के रिकॉर्ड के अनुसार नवंबर 2025 के मध्य में मध्य प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर और कुछ इलाकों में तीव्र शीतलहर की स्थिति बनी थी। भोपाल में 16 नवंबर 2025 को न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
नवंबर के दूसरे हिस्से में ठंड तेज होने की उम्मीद
मौसम के सामान्य रुझान के अनुसार महीने के दूसरे और अंतिम हिस्से में रात के तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि किसी भी शहर के लिए तापमान का सटीक स्तर रोजाना जारी होने वाले IMD पूर्वानुमान पर निर्भर करेगा।
