बाथरूम के पानी से तैयार हो रहा था खाना! सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट सील
गंदगी और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई, रेलवे में भोजन सप्लाई करने की बात आई सामने
जबलपुर। त्योहारों के बीच लोगों की सेहत से खिलवाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने साउथ सिविल लाइन स्थित सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट के किचन का निरीक्षण किया, जहां बेहद गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियों में भोजन तैयार किया जा रहा था। जांच में सब्जियां धोने और खाना बनाने के लिए बाथरूम के पानी का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई।
रेस्टोरेंट सील, लाइसेंस निलंबित
कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देश पर राजस्व एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा नियमों और लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर रेस्टोरेंट का एफएसएसएआई लाइसेंस निलंबित कर प्रतिष्ठान को सील कर दिया गया।
रेलवे में सप्लाई होता था भोजन
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित गुप्ता के अनुसार, निरीक्षण में भोजन बनाने और उसके संग्रहण में स्वच्छता मानकों का पालन नहीं मिला। रेस्टोरेंट संचालक ने अधिकारियों को बताया कि इसी किचन में भोजन तैयार कर पैकेट रेलवे में सप्लाई किए जाते हैं। इस खुलासे ने यात्रियों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
तीन प्रतिष्ठानों से खाद्य नमूने लिए
टीम ने सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट से पनीर, दाल और चावल के नमूने लिए। इसके अलावा ग्वारीघाट स्थित न्यू केशरवानी स्वीट्स से नारियल बर्फी और मगज के लड्डू तथा रामपुर स्थित मधु कलश स्वीट्स से आटे के लड्डू और पेड़े के नमूने एकत्र किए गए।
तीनों प्रतिष्ठानों से लिए गए खाद्य नमूनों को राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री और अस्वच्छ परिस्थितियों में भोजन तैयार करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।
