ग्वालियर। शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जयारोग्य अस्पताल पहुंचे और ट्रॉमा सेंटर में भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनके उपचार की जानकारी ली। अस्पताल में प्रशासनिक अधिकारी और डॉक्टर भी मौजूद रहे।
हादसा रविवार तड़के करीब 1:30 बजे हुआ था, जब धान से भरा ट्रक प्रतिबंधित मार्ग पर बैरिकेड तोड़ते हुए अनियंत्रित होकर श्रद्धालुओं के बीच जा घुसा और मंदिर के गेट व बाहरी दीवार से टकरा गया। अलग-अलग समय पर जारी आंकड़ों में मृतकों की संख्या बदलती रही है। शुरुआती रिपोर्टों में 15 मौतों की पुष्टि हुई थी, जबकि बाद की कुछ रिपोर्टों में मृतक संख्या 16 तक पहुंचने की जानकारी है।
घायलों का जाना हाल
सिंधिया ने ट्रॉमा सेंटर में भर्ती घायलों से बातचीत की और डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और कुछ मरीजों की हालत नाजुक बताई गई है। अस्पताल प्रशासन द्वारा उनका उपचार जारी है।
ट्रक प्रतिबंधित मार्ग तक कैसे पहुंचा?
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठा है कि भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक आखिर पहुंचा कैसे। पुलिस के अनुसार चीनौर की ओर से आने वाले इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी और बैरिकेड भी लगाए गए थे। ट्रक के बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की बात सामने आई है।
सिंधिया ने भी इस पहलू की विस्तृत जांच की जरूरत बताई और कहा कि जिम्मेदारी तय होने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
चालक और मालिक गिरफ्तार
ताजा पुलिस कार्रवाई में ट्रक चालक और वाहन मालिक को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस दुर्घटना के तकनीकी कारणों, प्रतिबंधित मार्ग में प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की जांच कर रही है।
