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सर्वोच्च न्यायालय नईदिल्ली में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दायर अपील में 10 से अधिक डिफाल्ट अभी तक सरकार को उक्त डिफाल्ट दूर करने की नही है सुध : वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर


जबलपुर| मध्य प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश के विरूद्ध सर्वोच्च न्यायालय में अपील का प्रचार प्रसार व्यापक पैमाने पर किया गया है तथा किया जा रहा है लेकिन उक्त अपील सर्वोच्च न्यायालय में डिफाल्ट में पड़ी हुई है, उक्त डिफाल्ट दूर करने हेतु मध्य प्रदेश सरकार की ओर से आज दिनांक तक कोई प्रयास नहीं किए गए  है | सरकार प्रदेश के ओ.बी.सी. वर्ग का आई वास करने में लगी हुई है  | हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर का मध्य प्रदेश सरकार तथा महाधिवक्ता पर ओ.बी.सी. आरक्षण विरोधी करार दिया गया है | उनका कहना है की मध्य प्रदेश सरकार यदि वास्तव में ओ.बी.सी. हितेषी होती और  ओ.बी.सी. वर्ग को समुचित  प्रतिनिधित्व देना चाहती तो सर्वोच्च न्यायालय में आपील नही की जानी चाहिए थी बल्कि सरकार को हाईकोर्ट के फैसले का समुचित अध्यन करके जो कमिया हाईकोर्ट ने बताई है उनको निर्धारित समय सीमा में पूरा करने हेतु आयोग की रिपोर्ट काल की जाकर विधान सभा का विशेष सत्र आहूत करके अन्य पिछड़े वर्ग को कम से कम 50%  आरक्षण का मजबूत कानून बनाकर अन्य राज्यों की भांति संविधान की नौवी अनुसूची   में दर्ज कराना चाहिए था  | मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 2016 में  प्रमोशन में आरक्षण के कानून को निरस्त कर दिया गया था तथा उक्त कानून के अनुसार हुई पदौन्नति को हाईकोर्ट ने रिवर्ट करने का भी आदेश दिया गया था हाईकोर्ट के उक्त फैसले के विरूद्ध मध्य प्रदेश सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में अपील करके अपने आप को कर्मचारी हितेषी बताने का प्रचार किया गया था उक्त मामले आज दिनांक तक सर्वोच्च न्यायालय से डिसाइड कराने सरकार ने कोई प्रयास नही किए बल्कि 2025 में नया कानून बना दिया गया जो हाईकोर्ट में उलझा है  | हाईकोर्ट ने आदेश कर दिया है की जब तक सर्वोच्च न्यायालय से उक्त अपीले डिसाइड नहीं होगी हाईकोर्ट 2025 के क़ानून पर कोई फैसला नही देगी ठीक इसी प्रकार मध्य प्रदेश सरकार ओ.बी.सी.  का 27% आरक्षण सर्वोच्च म्न्ययाली में उलझाकर मात्र 14% लागू करना चाहती है, एवं मध्य प्रदेश सरकार ने ओ.बी.सी. का 14% आरक्षण लागू करने की हाईकोर्ट में शपथपत्र दाखिल करके  सहमती भी दी जा चुकी है | अब सरकार सर्वोच्च न्यायालय में अपील के नाम से  केवल व् केवल  ओ.बी.सी. वर्ग को गुमराह करके मुद्दे को डायवर्ट करने का प्रयास कर रही है  | सरकार अपने स्तर पर संवैधानिक रूप से जो कर सकती है वो नहीं कर रही है  |

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