लोकायुक्त का GST अधिकारी पर शिकंजा, जबलपुर-भोपाल-सागर में एक साथ छापे
जबलपुर। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार, 27 अक्टूबर की सुबह राज्य जीएसटी विभाग के वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जबलपुर, भोपाल और सागर में चल रही कार्रवाई के दौरान अधिकारी और उनके परिजनों के नाम दर्ज संपत्तियों, निवेश और खर्च से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच के अनुसार मनीष कुमार जैन की कुल ज्ञात आय 1 करोड़ 3 लाख 73 हजार 317 रुपये आंकी गई, जबकि व्यय 3 करोड़ 78 लाख 25 हजार 707 रुपये पाया गया। जांच में खर्च ज्ञात आय का 364.64 प्रतिशत बताया गया है।
शिकायत के सत्यापन के बाद दर्ज हुआ मामला
लोकायुक्त एसपी अंजूलता पटले को मनीष कुमार जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत का सत्यापन निरीक्षक बृज मोहन सिंह नरवरिया द्वारा किया गया।
प्रारंभिक सत्यापन में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। मंगलवार सुबह करीब 6 बजे से तीन शहरों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।
पत्नी और माता-पिता के नाम संपत्तियों की भी जांच
लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में अधिकारी के साथ उनकी पत्नी निधि जैन, पिता कोमलचंद जैन और माता शशि जैन के नाम दर्ज संपत्तियों की जानकारी भी सामने आने की बात कही गई है।
कार, स्कूटर और बीमा पॉलिसियों की भी पड़ताल
प्रारंभिक जांच में पत्नी के नाम पर मारुति स्विफ्ट कार और सुजुकी एक्सेस स्कूटर खरीदे जाने की जानकारी मिली है। अधिकारी और उनके परिजनों के नाम बीमा पॉलिसियों तथा अन्य निवेश से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
दमोह में पदस्थ हैं वाणिज्यिक कर अधिकारी
मनीष कुमार जैन जबलपुर की रिलाएबल डेवलपर कॉलोनी में रहते हैं और वर्तमान में दमोह में वाणिज्यिक कर अधिकारी के पद पर पदस्थ बताए गए हैं। लोकायुक्त की अलग-अलग टीमें जबलपुर, भोपाल और सागर स्थित ठिकानों से मिले दस्तावेजों, संपत्ति रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागजात की जांच कर रही हैं।
