माता महालक्ष्मी की प्रतिमा खंडित होने पर निकला मौन जुलूस
जबलपुर। आधारताल स्थित पचमठा मंदिर में कलचुरी कालीन माता महालक्ष्मी की प्रतिमा खंडित किए जाने की घटना से श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
घटना के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और युवा सड़क पर उतरे। सभी ने काली पट्टी धारण कर शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।
जुलूस का नेतृत्व पचमठा मंदिर के पुजारी कपिल महाराज ने किया। श्रद्धालुओं ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रतिमा खंडित करने की घटना की निंदा की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
⚖️ दोषियों की गिरफ्तारी की मांग
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से घटना की गंभीरता से जांच करने और प्रतिमा खंडित करने वाले दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। श्रद्धालुओं ने कहा कि धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व वाली प्रतिमा से जुड़ी घटना ने लोगों की भावनाओं को आहत किया है।
घटना के विरोध में आधारताल व्यापारी संघ ने भी अपना समर्थन दिया और क्षेत्र के प्रतिष्ठान बंद रखे।
संघ अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि माता महालक्ष्मी की प्राचीन प्रतिमा से जुड़ी यह घटना बेहद गंभीर है और इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
व्यापारी संघ ने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर घटना में शामिल आरोपियों की पहचान करने, उन्हें जल्द गिरफ्तार करने और मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
👥 बड़ी संख्या में नागरिक हुए शामिल
प्रदर्शन में पार्षद बाबा श्रीवास्तव, विमल राय और महेश राजपूत, वरिष्ठ समाजसेवी दिनेश ताम्रकार, डॉ. राजेश जायसवाल, मनीष अग्रहरि, व्यापारी संघ अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
