टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में सागर लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय के एमपीडब्ल्यू देशराज घोष को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अरविंद राजपूत ने सागर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि देशराज घोष नौकरी लगवाने के एवज में उनसे 80 हजार रुपये की मांग कर रहा है। शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए योजना बनाई।
शुक्रवार को शिकायतकर्ता ने रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 10 हजार रुपये आरोपी को सौंपे। जैसे ही देशराज घोष ने रकम ली, पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
5 लाख रुपये ठगने का भी आरोप, वीडियो की जांच शुरू
लोकायुक्त की कार्रवाई के दौरान एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया। नरेंद्र नामक एक अन्य व्यक्ति ने भी देशराज घोष पर नौकरी दिलाने के नाम पर 5 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि इस कथित लेनदेन से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसकी जांच लोकायुक्त टीम कर रही है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
सागर लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी देशराज घोष के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि नौकरी के नाम पर रिश्वतखोरी के इस नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।
