भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार झमाझम बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले 72 से 96 घंटे यानी आगामी चार दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए विभिन्न जिलों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बारिश से जहां लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए भी यह राहत भरी खबर है। हालांकि, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के चलते जनजीवन प्रभावित होने की संभावना जताई गई है।
तापमान में 2 से 6 डिग्री तक गिरावट
पूर्व मौसम वैज्ञानिक एवं मौसम-पर्यावरण विश्लेषक शैलेन्द्र कुमार नायक के अनुसार, प्रदेशभर में घने बादल और वातावरण में अत्यधिक नमी के कारण दिन के तापमान में सामान्य से 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।
सुबह के समय अधिकांश जिलों में सापेक्ष आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) 90 प्रतिशत से अधिक रही। मंडला में 100 प्रतिशत, जबलपुर में 98 प्रतिशत, जबकि भोपाल और इंदौर में 92 प्रतिशत आर्द्रता दर्ज की गई, जिससे पूरे प्रदेश में उमस और बादलों का असर बना रहा।
इन जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने खंडवा और हरदा जिलों में भारी से अति भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में जलभराव, नदी-नालों के उफान और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना जताई गई है।
19 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में येलो अलर्ट
प्रदेश के 19 जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
तेज हवाएं और आकाशीय बिजली का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार, कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। ऐसे में खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है।
अगले तीन से चार दिन रहेगा मानसून का असर
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 72 से 96 घंटे तक प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इस दौरान कई जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रशासन ने भी संबंधित जिलों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
