जबलपुर। मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इस बार पुरस्कार चयन प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी और परिणाम आधारित बनाया गया है। नई व्यवस्था के तहत रोज़ ऐप के माध्यम से 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस दर्ज कराने वाले और लगातार 5 वर्षों तक 80 प्रतिशत से अधिक परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षक ही आवेदन के पात्र होंगे। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने वाले शिक्षकों को पुरस्कार प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा।
राज्य स्तर पर इस वर्ष प्रदेश के प्रत्येक जिले से दो-दो शिक्षकों का चयन किया जाएगा। इस प्रकार कुल 110 उत्कृष्ट शिक्षकों को आगामी 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक शिक्षक 10 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे, जबकि 31 अगस्त को अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी।
10 वर्ष की सेवा और नियमित अध्यापन जरूरी
नई गाइडलाइन के अनुसार केवल वही नियमित शिक्षक आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने कम से कम 10 वर्ष की शिक्षकीय सेवा पूरी की हो और वर्तमान में नियमित रूप से कक्षा अध्यापन कर रहे हों। विभाग का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने लंबे समय तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक परिणाम दिए हैं।
इन शिक्षकों को नहीं मिलेगा मौका
विभाग ने पात्रता को लेकर सख्त नियम लागू किए हैं। ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक, सेवानिवृत्त शिक्षक, शैक्षिक प्रशासक, शैक्षिक निरीक्षक, प्रशिक्षण संस्थानों में पदस्थ शैक्षणिक संवर्ग, जनशिक्षक, संविदा शिक्षक, अतिथि शिक्षक, छात्रावास अधीक्षक तथा निजी स्कूलों के शिक्षक इस पुरस्कार के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे।
इसके अलावा यदि चयन प्रक्रिया के दौरान किसी शिक्षक के खिलाफ अनुशासनहीनता, आपराधिक प्रकरण, शिकायत, विभागीय जांच या दंड की जानकारी सामने आती है, तो उनका आवेदन तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा।
दो मापदंडों पर होगा चयन
शिक्षकों का मूल्यांकन दो प्रमुख श्रेणियों—मापदंड 'ए' और मापदंड 'बी'—के आधार पर किया जाएगा।
- 60 अंक पिछले पांच वर्षों के परीक्षा परिणामों के लिए निर्धारित किए गए हैं।
- 40 अंक ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षण कार्य, पुस्तक लेखन, विभागीय गतिविधियों में सहभागिता और एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) कार्यों के आधार पर दिए जाएंगे।
- इसके अलावा शिक्षक की भाषा शैली, व्यक्तित्व, विषय ज्ञान, उत्कृष्ट कार्यों की प्रस्तुति और समग्र प्रभाव का भी अलग-अलग 10-10 अंकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।
