उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में सीवरेज चैंबर की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। पिपली नाका क्षेत्र में करीब 25 फीट गहरे सीवरेज चैंबर में उतरे तीन कर्मचारियों में से एक की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य कर्मचारी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह चैंबर के भीतर फैली जहरीली गैस और सुरक्षा इंतजामों की कमी मानी जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीनों कर्मचारी नियमित सफाई कार्य के लिए सीवरेज चैंबर में उतरे थे। इसी दौरान चैंबर के भीतर मौजूद जहरीली गैस के कारण उनका दम घुटने लगा। बताया जा रहा है कि संतुलन बिगड़ने से तीनों कर्मचारी करीब 25 फीट नीचे गिर पड़े, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचा। तीनों कर्मचारियों को तत्काल बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान अशोक मिश्रा ने दम तोड़ दिया, जबकि गोपाल और रमेश की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों का उपचार चरक अस्पताल के आईसीयू में जारी है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कर्मचारियों के पास चैंबर में उतरने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण, गैस डिटेक्टर और ऑक्सीजन सपोर्ट जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं थीं। यदि जांच में इसकी पुष्टि होती है तो संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ सकती है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन यह भी पता लगा रहा है कि सीवरेज चैंबर में सफाई कार्य के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
