जबलपुर। ऑनलाइन बैठे-बैठे अतिरिक्त आय कमाने का सपना एक डॉक्टर को भारी पड़ गया। टेलीग्राम पर टास्क पूरा करने के बदले मोटी कमाई का झांसा देकर साइबर ठगों ने मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर से 1 लाख 23 हजार 462 रुपये की ठगी कर ली। जब जालसाजों ने और अधिक रकम की मांग की, तब पीड़ित को धोखाधड़ी का अहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामला साइबर सेल को सौंप दिया गया है, जो आरोपियों की तलाश में जुटी है।
संजीवनी नगर थाना पुलिस के अनुसार, जसूजा सिटी निवासी डॉ. संदीप कुमार यादव, जो मेडिकल कॉलेज जबलपुर के कैंसर विभाग में पदस्थ हैं, ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनके टेलीग्राम अकाउंट पर तन्वी जोशी नामक एक यूजर का संदेश आया। संदेश में दावा किया गया कि कुछ ऑनलाइन टास्क पूरे करने पर आकर्षक कमीशन दिया जाएगा।
शुरुआत में डॉक्टर को एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया और छोटे-छोटे टास्क दिए गए। टास्क पूरा करने पर उन्हें 100 रुपये का कमीशन भी मिला। इससे उनका विश्वास बढ़ा और वे जालसाजों के झांसे में आ गए।
इसके बाद ठगों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर उनसे निवेश के नाम पर रकम जमा करानी शुरू कर दी। 29 मई को डॉक्टर ने सबसे पहले 1,027 रुपये यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर किए। इसके बाद लगातार अधिक लाभ का प्रलोभन देकर उनसे विभिन्न बैंक खातों में कई किश्तों में रकम जमा कराई गई।
पुलिस के अनुसार, 29 और 30 मई के दौरान डॉक्टर ने कोटक महिंद्रा बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े खातों में कुल आठ अलग-अलग यूपीआई ट्रांजेक्शन किए, जिनकी कुल राशि 1,23,462 रुपये रही।
ठगी का खुलासा तब हुआ जब जालसाजों ने उनसे अतिरिक्त 55 हजार रुपये और जमा कराने की मांग की। इस पर डॉक्टर को संदेह हुआ और उन्होंने आगे भुगतान करने से इनकार कर दिया। बाद में जांच करने पर उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगों के जाल में फंस चुके हैं।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर साइबर सेल की मदद से बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की सलाह
साइबर विशेषज्ञों और पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया, टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर मिलने वाले "टास्क पूरा करें और पैसा कमाएं" जैसे ऑफरों से सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के कहने पर ऑनलाइन भुगतान करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।
