जबलपुर। बहुचर्चित त्विषा शर्मा डेथ केस में मृतका की सास और पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरीबाला सिंह को बुधवार को हाई कोर्ट से आंशिक राहत मिली। उनकी नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान सीबीआई ने लिखित आपत्ति प्रस्तुत करते हुए अदालत को बताया कि जांच में दहेज की मांग किए जाने के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले हैं।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ के समक्ष हुई।
दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं हटाई गईं
सीबीआई की ओर से पेश जांच रिपोर्ट में बताया गया कि गवाहों के बयान, बैंक लेन-देन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के दौरान दहेज मांग के आरोप की पुष्टि के लिए पर्याप्त सामग्री नहीं मिली।
इसी आधार पर जांच एजेंसी ने दहेज प्रतिषेध अधिनियम से संबंधित धाराओं को प्रकरण से विलोपित किए जाने की जानकारी अदालत को दी।
जमानत याचिका में संशोधन के निर्देश
सीबीआई की ओर से यह स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद हाई कोर्ट ने गिरीबाला सिंह को उनकी नियमित जमानत याचिका में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को निर्धारित की है। इसलिए बुधवार की सुनवाई में नियमित जमानत पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
अन्य आरोप फिलहाल बने रहेंगे
जांच में दहेज मांग संबंधी धाराएं हटाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि प्रकरण के अन्य आरोप स्वतः समाप्त हो गए हैं। सीबीआई की जांच रिपोर्ट के आधार पर फिलहाल केवल दहेज से जुड़े आरोपों को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण हटाने की स्थिति सामने आई है।
