अकीदतमंदों ने चादरें शरीफ पेश कर मांगी अमन-खुशहाली की दुआ
जबलपुर। मदन महल पहाड़ी पर स्थित हजरत पीराने पीर की दरगाह में जुमेरात को ग्यारहवीं शरीफ के पहले मेले का आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने दरगाह पर चादरें शरीफ पेश कर अपनी अकीदत का इज़हार किया।
अपराह्न में आयोजित जल्सा-ए-गौसिया की सदारत हजरत अल्लामा अल्हाज सैय्यद इकबाल अहमद शम्स रब्बानी एवं मुतवल्ली सैय्यद कादिर अली कादरी ने की। इस मौके पर सूफी मुबारक कादरी ने कहा कि मदन महल दरगाह शरीफ सदियों से अकीदत, मोहब्बत और आपसी भाईचारे का मरकज रही है। यहां हर मजहब के लोग अपनी अकीदत के साथ हाजिरी देते हैं। दरगाह शरीफ का पैगाम इंसानियत, सद्भाव और मोहब्बत का है, जिसे आपसी एकता के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है।
जल्से में सज्जादानशीन बासित कादरी ने मनकबत-ए-पाक पेश की। आफताब कादरी, नजर अली कादरी,खलीफा इनायत कादरी, अब्बू बाबा कादरी, असगर कादरी, आबिद कादरी, इदरीस कादरी, अंसार कादरी, याकूब शाह, सलामत कादरी, शराफत कादरी, जवाहर कादरी, अफजल कादरी, आशु कादरी नेताजी, जलील शाह, ने मेहमान हजरात का इस्तकबाल किया और तबर्रुक पेश किया।
इस मौके पर शकील रब्बानी,अजय अवस्थी, रिजवान अली कोटी, अहसान अंसारी, आजाद खान ( मीडिया) संजय रजक, आनंद रजक, दिलीप भाटिया, आशीष जेकब,फिरोज भाई, सहित काफी तादाद में अकीदत मंद मौजूद रहे।
बाद नमाज-ए-मगरिब सालातो-सलाम पेश किया गया। मुतवल्ली सैय्यद कादिर अली कादरी ने मुल्क की तरक्की, खुशहाली, अमन और भाईचारे के लिए दुआ की।
सज्जादानशीन निजाम कादरी ने बताया कि मुफ्ती-ए-आजम मध्यप्रदेश के ऐलान के मुताबिक आगामी 24 सितंबर, जुमेरात, मुताबिक 11 रबीउल आखिर को मदन महल दरगाह में ग्यारहवीं शरीफ के प्रमुख मेले (उर्स) का आयोजन किया जाएगा। इसमें स्थानीय के साथ ही दूर-दराज से आने वाले अकीदतमंद दरगाह शरीफ पर हाजिरी पेश करेंगे।
