जबलपुर। मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर के प्रस्तावित विखंडन एवं विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण कार्यों और अधिकारों को उज्जैन स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं के बीच जबलपुर की जनता में बढ़ते आक्रोश और चिंता को लेकर कांग्रेस ने युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष अमित सोनकर के नेतृत्व में जबलपुर की पाटन विधानसभा के वरिष्ठ विधायक विधायक श्री अजय विश्नोई को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
जिला उपाध्यक्ष अमित सोनकर ने कहा कि मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि जबलपुर और पूरे महाकौशल की वर्षों की मेहनत, संघर्ष और आकांक्षाओं का परिणाम है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना का मूल उद्देश्य प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करना और जबलपुर को इसका प्रमुख केंद्र बनाना था। ऐसे में विश्वविद्यालय के अधिकारों, कार्यों अथवा संरचना को कमजोर करने का कोई भी प्रयास जबलपुर के साथ-साथ पूरे महाकौशल क्षेत्र के हितों पर गंभीर कुठाराघात होगा।
कांग्रेस ने कहा कि जबलपुर से महत्वपूर्ण संस्थानों के क्रमशः कमजोर होने अथवा अन्य शहरों में स्थानांतरित किए जाने की घटनाओं ने अब गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल में पहले डेयरी साइंस कॉलेज को जबलपुर से उज्जैन स्थानांतरित किया गया और अब मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी को लेकर सामने आ रही चर्चाओं ने शहरवासियों की चिंता को और गहरा कर दिया है।
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जबलपुर को प्रदेश की महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्थाओं का केंद्र बनाने के बजाय यहां स्थापित संस्थाओं के अधिकारों और कार्यों को दूसरे शहरों में क्यों स्थानांतरित किया जा रहा है? क्या जबलपुर के विकास और उसके संस्थागत महत्व को लगातार कम किया जाना उचित है?
कांग्रेस ने कहा कि जबलपुर का विधानसभा एवं संसद में पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व है। ऐसे में शहर की महत्वपूर्ण संस्थाओं के हितों की रक्षा करना यहां के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी है। जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि इसलिए चुना है कि वे जबलपुर के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए शासन के समक्ष मजबूती से अपनी बात रखें।
कांग्रेस ने जबलपुर के सभी जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इस विषय पर एकजुट हों और शासन के समक्ष जबलपुर की जनता की सामूहिक आवाज मजबूती से रखें।
ज्ञापन के दौरान रिज़वान अली कोटी, बादल पंजवानी, कपिल भोजक, सागर शुक्ला, मेवालाल पटेल, रिंकू बदलानी, एजाज़ अंसारी, अदनान अंसारी, सैय्यद अदील अहमद, शफ़ी खान आदि उपस्थित थे।
