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ACC सीमेंट की माइनिंग लीज पर उठे गंभीर सवाल, शिकायतकर्ताओं ने शासन को भारी राजस्व क्षति का लगाया आरोप


 जबलपुर

ACC सीमेंट की माइनिंग लीज पर उठे गंभीर सवाल, शासन को भारी राजस्व क्षति का आरोप

शिकायतकर्ताओं का दावा—न्यायालयीन कार्यवाहियों में वैधानिक लीज प्रस्तुत नहीं की गई

जबलपुर। एसीसी सीमेंट कैमोर की माइनिंग लीज और खनन गतिविधियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। महंत मनजीत गिरी गोस्वामी, विशाल नामदेव, नूर मोहम्मद और गुलाम मोहम्मद सहित अन्य शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कंपनी की वैधानिक माइनिंग लीज से संबंधित विवाद विभिन्न न्यायालयों में लंबित है।


वैधानिक माइनिंग लीज प्रस्तुत नहीं करने का आरोप

शिकायतकर्ताओं का दावा है कि संबंधित न्यायालयीन कार्यवाहियों में अब तक एसीसी सीमेंट द्वारा अपनी वैधानिक माइनिंग लीज प्रस्तुत नहीं की गई है। उनका आरोप है कि इसके बावजूद खनन गतिविधियां जारी हैं।

हाईकोर्ट की याचिका को लेकर भी लगाए आरोप

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में WP No. 7979/2017 में कंपनी की ओर से लीज संबंधी ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, जिनकी वैधता को लेकर उन्होंने सवाल उठाए हैं।

उनका कहना है कि इन दस्तावेजों और लीज की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कंपनी की खनन गतिविधियां किन वैधानिक अनुमतियों के आधार पर संचालित हो रही हैं।

शासन को भारी राजस्व क्षति का दावा

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि यदि खनन वैधानिक लीज के बिना किया जा रहा है, तो इससे शासन को बड़े पैमाने पर राजस्व की क्षति हो सकती है। हालांकि इस कथित नुकसान की वास्तविक राशि और खनन की वैधानिक स्थिति की पुष्टि सक्षम विभागीय जांच या न्यायालयीन निष्कर्ष के बाद ही हो सकेगी।

जांच की मांग
शिकायतकर्ताओं ने संबंधित खनन लीज, न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजों, खनन क्षेत्र और शासन को प्राप्त राजस्व का परीक्षण कर निष्पक्ष जांच एवं वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
महत्वपूर्ण
इस समाचार में उल्लिखित माइनिंग लीज, दस्तावेजों की वैधता और कथित राजस्व क्षति से जुड़े आरोप शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र या न्यायिक पुष्टि अभी इस समाचार के आधार पर स्थापित नहीं है। कंपनी अथवा संबंधित विभाग का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना उचित होगा।
 जबलपुर | खनन विवाद
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