जबलपुर में भंडारे के दौरान विवाद ने ली युवक की जान, चाकू-लाठियों से हमला; महिला सहित 6 गिरफ्तार, नाबालिग अभिरक्षा में
रांझी थाना क्षेत्र के आजाद नगर गोकलपुर में खूनी संघर्ष, पारस यादव की उपचार के दौरान मौत, कई घायल
जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर के रांझी थाना क्षेत्र में देवी मंदिर के भंडारे के दौरान मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। आजाद नगर गोकलपुर में तेज रफ्तार से निकलने की बात पर शुरू हुए विवाद में एक पक्ष के लोगों पर लाठी-डंडों और चाकू से हमला करने का आरोप है। घटना में कई लोग घायल हो गए, जबकि सिर में गंभीर चोट लगने से घायल पारस यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस ने मामले में हत्या सहित अन्य धाराएं बढ़ाते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। इसके अलावा 16 वर्षीय विधि विवादित बालक को अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ के बाद घटना में प्रयुक्त एक चायना चाकू और पांच लाठी-डंडे जब्त किए गए हैं।
भंडारे के दौरान तेज रफ्तार से निकलने की बात पर शुरू हुआ विवाद
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 अक्टूबर 2026 की रात लगभग 10 बजे आजाद नगर गोकलपुर स्थित देवी मंदिर में भंडारे का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान समीर वंशकार का पुत्र अपने एक साथी के साथ वहां से निकल रहा था। तेज गति से निकलने को लेकर वहां मौजूद लोगों के साथ कहासुनी हो गई।
देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, समीर वंशकार अपने परिवार के अन्य सदस्यों और साथियों के साथ मौके पर पहुंचा। आरोप है कि इसके बाद गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों और चाकू से हमला कर दिया गया।
इस हमले में रविशंकर गोटिया, पारस यादव, भारती सहित पप्पू बर्मन, अनुज कोल, मंजू गोटिया, मानसी गोटिया, नीलेश झारिया, राजेश ठाकुर और सुमित नाहर को चोटें पहुंचने की जानकारी सामने आई है। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
सिर पर लाठी लगने से गंभीर घायल पारस यादव ने तोड़ा दम
हमले के दौरान पारस यादव के सिर में लाठी से गंभीर चोट लगी थी। उसकी हालत को देखते हुए पहले आशीष हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इसके बाद बेहतर उपचार के लिए मेडिकल अस्पताल ले जाया गया, जहां 26 अक्टूबर 2026 को उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
पारस यादव की मृत्यु के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 109(1) का इजाफा किया।
रविशंकर गोटिया की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ था मामला
घटना के बाद रविशंकर गोटिया की रिपोर्ट पर थाना रांझी में बीएनएस की धारा 296(बी), 125(ए), 118(1), 119(1), 351(3) एवं 3(5) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जबलपुर सम्पत उपाध्याय ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-3 मनीष भारद्वाज तथा नगर पुलिस अधीक्षक रांझी सतीष कुमार साहू के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उमेश कुमार गोलानी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
हत्या के प्रकरण में महिला सहित छह आरोपी गिरफ्तार
पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश करते हुए छह वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्तियों का विवरण इस प्रकार है:
समीर वंशकार (30 वर्ष) — पिता धांधू वंशकार, निवासी आजाद नगर, गंदी बस्ती, गोकलपुर, थाना रांझी।
अभिषेक उर्फ बबला वंशकार (22 वर्ष) — पिता सुंदर वंशकार, निवासी शुक्ला होटल के पास, लालमाटी, थाना घमापुर।
रोहित वंशकार (24 वर्ष) — पिता राकेश वंशकार, निवासी आजाद नगर, गंदी बस्ती, गोकलपुर, थाना रांझी।
आकाश वंशकार (32 वर्ष) — पिता स्वर्गीय निरंजन वंशकार, निवासी शीतलामाई, थाना घमापुर।
शालिनी वंशकार (28 वर्ष) — पति समीर वंशकार, निवासी आजाद नगर, गंदी बस्ती, गोकलपुर, थाना रांझी।
धांधू वंशकार (60 वर्ष) — पिता वानीलाल, निवासी आजाद नगर, गंदी बस्ती, गोकलपुर, थाना रांझी।
विधि विवादित बालक (16 वर्ष) — पुलिस ने किशोर को भी अभिरक्षा में लिया है। उसकी पहचान गोपनीय रखी गई है।
एक चाकू और पांच लाठी-डंडे जब्त
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों और अभिरक्षा में लिए गए किशोर से पूछताछ के दौरान घटना में इस्तेमाल किया गया एक चायना चाकू और पांच लाठी-डंडे जब्त किए गए हैं। पुलिस ने वयस्क आरोपियों की विधिवत गिरफ्तारी करते हुए मामले की विवेचना जारी रखी है।
आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका
आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई में थाना प्रभारी रांझी उमेश कुमार गोलानी, उप निरीक्षक रविंद्र डूडवा, सहायक उप निरीक्षक मनीष जाटव, प्रधान आरक्षक पुरुषोत्तम प्रधान, आरक्षक चंद्रभान प्रधान, आरक्षक राजकुमार छीरा, प्रधान आरक्षक राकेश सनौड़िया, आरक्षक अभिषेक, मनीष अहिरवार और भूपेंद्र की सराहनीय भूमिका रही।
धार्मिक आयोजन के दौरान मामूली विवाद का हिंसक संघर्ष में बदल जाना गंभीर चिंता का विषय है। घटना में एक युवक की जान चली गई और कई लोग घायल हुए। ऐसे मामलों में समय रहते विवाद को रोकने तथा सार्वजनिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने की आवश्यकता एक बार फिर सामने आई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
