देश, प्रदेश, जिला, संभाग, तहसील, जिला और ग्राम स्तर पर संवाददाता चाहिए — संपर्क करें  |  डायरेक्टर, एडिटर इन चीफमोहम्मद असफाक आरिफ  |  शॉप - 1 दारुल उलूम मार्किट, मंडी मदार टेकरी, जबलपुर मध्य प्रदेश 482002  |  संपर्क: 9893230986

पीआई पर एमडीआर शुल्क से उलझन में दुकानदार



जबलपुर / यूपीआई ने भारत में डिजिटल भुगतान ऐसे बड़े व्यापारियों पर 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने का फैसला केवल भुगतान प्रणाली की लागत वसूलने का सवाल नहीं है, बल्कि इसके व्यापक आर्थिक और सामाजिक प्रभाव भी हो सकते हैं। बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के राजकुमार सिन्हा ने बताया की बाजार में आनलाइन कारोबार के कारण व्यापारी भारी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है। बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और कॉर्पोरेट रिटेल चेन इस एमडीआर शुल्क को खुद वहन कर लेते हैं, जिससे स्थानीय छोटे दुकानदारों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता कमजोर हो रही है।छोटे दुकानदारों का मार्जिन 0.5 से 1 प्रतिशत के बीच होता है। ऐसे में 0.4 प्रतिशत का अतिरिक्त भार व्यवसाय करना असंभव बना देगा।

 सरकार छोटे दुकानदारों पर एमडीआर शुल्क लगाने के बजाय बड़े ई-कॉमर्स, ओटीटी, टेलीकॉम, बड़े अस्पताल, एयरलाइंस आदि जैसे उच्च-मूल्य वाले डिजिटल कारोबारियों से अलग शुल्क लिया जा सकता है। इससे छोटे व्यापारियों का यूपीआई से मुक्त रखा जा सकता है। यदि यूपीआई ने नकदी आधारित अर्थव्यवस्था को डिजिटल अर्थव्यवस्था में बदलने में सार्वजनिक भूमिका निभाई है, तो उसकी बुनियादी लागत का पूरा बोझ व्यापारियों और अंततः उपभोक्ताओं पर डालने के बजाय साझा वित्तीय मॉडल पर विचार किया जाना चाहिए।

Post a Comment

Previous Post Next Post
askari times
askari times
askari times